आम आदमी का चोला, अरबपतियों का झोला, केजरीवाल का ‘कट्टर भ्रष्टाचार | Ashok Mittal ED Raid | Sach Ki Raftar
राजनीति में गिरगिट को भी मात देने वाली अगर कोई पार्टी है, तो वो है अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी। जो लोग ‘आम आदमी’ का चोला ओढ़कर भ्रष्टाचार मिटाने आए थे, आज वो खुद भ्रष्टाचार के दलदल में गले तक धंसे हुए हैं। कल तक जो राघव चड्ढा पार्टी का चेहरा थे, उन्हें किनारे कर एक ‘अरबपति’ को राज्यसभा में आगे किया गया और अब उसी अरबपति नेता के ठिकानों पर ED के छापे पड़ रहे हैं। आज खोलेंगे केजरीवाल के इस ‘ठगबंधन’ और अरबपतियों वाली राजनीति की पोल! अरविंद केजरीवाल जी,
जवाब दीजिये! क्या आपकी पार्टी में अब केवल वही लोग बचेंगे जिनके पास करोड़ों-अरबों का साम्राज्य है? अशोक मित्तल, जो लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के मालिक हैं, जिनके पास धन-दौलत का अंबार है, उन्हें आपने राज्यसभा भेजा और डिप्टी लीडर बना दिया। क्यों? क्या इसलिए कि अब ‘आम आदमी’ आपकी पार्टी के लिए पैसा सबसे जरूरी हो गया है? राज्यसभा की सीटें अब संघर्ष करने वाले कार्यकर्ताओं को नहीं, बल्कि बड़े व्यापारियों को बेची जा रही हैं? “जैसे ही अशोक मित्तल को पद मिला, वैसे ही उनके पुराने कारनामों की फाइलें खुलने लगीं। ED ने फगवाड़ा, जालंधर और गुरुग्राम के 8-9 ठिकानों पर छापा मारा है। आरोप क्या है? FEMA (Foreign Exchange Management Act) का उल्लंघन! यानी विदेशों से आने वाले फंड में हेराफेरी। जो पार्टी ईमानदारी का सर्टिफिकेट बांटती फिरती थी, उसके बड़े नेता अब विदेशी पैसों के फेरबदल में फंसे हैं। ये चक्की है कानून की, केजरीवाल जी, देर से चलती है लेकिन बारीक पीसती है!” “हैरानी की बात देखिये, राघव चड्ढा जैसे नेता, जिन्होंने पार्टी के लिए संसद से लेकर सड़क तक लड़ाई लड़ी, उन्हें रातों-रात हटा दिया गया। चर्चा तो ये भी है कि राघव चड्ढा अब इस दमघोंटू और भ्रष्ट माहौल में खुद को फिट नहीं पा रहे हैं। शायद इसीलिए केजरीवाल को उन पर भरोसा नहीं रहा।
राघव जैसे पढ़े-लिखे और सक्रिय नेताओं को साइडलाइन करना बताता है कि आम आदमी पार्टी अब सिर्फ ‘जी-हजूरों’ और ‘तिजोरी भरने वालों’ का अड्डा बन गई है। जब भी चोरी पकड़ी जाती है, केजरीवाल और उनके सिपहसालार ‘मोदी स्टाइल’ और ‘चुनाव की तैयारी’ का रोना रोने लगते हैं। संजय सिंह कहते हैं कि ‘मोदी के तोते’ आ गए। अरे भाई, अगर चोरी नहीं की, तो डर कैसा? अगर अशोक मित्तल का व्यापार साफ-सुथरा है, तो जांच से भाग क्यों रहे हो? असल में डर ये है कि अगर जांच गहराई तक गई, तो कई और ‘कट्टर ईमानदार’ बेनकाब हो जाएंगे।”केजरीवाल की तरह।
वैसे आप के नेताओ को कानून का कोई डर तो है ही नहीं ऊपर से केजरीवाल जिसने अब कोर्ट के जजों को भरी अदालत में जलील करना शुरू कर दिया है उसके बाद से तो अब इनके नेताओ को पता चल चूका है की पकडे गए तो कोर्ट में बोल दो हमे जज बदलना है हमे जज पर भरोसा नहीं है। अब आपो खुद सोचो जिनका आका ऐसा होगा उनके सिपाही तो ग़दर काटेंगे ही काटेंगे। “दोस्तों, ये ‘आम आदमी पार्टी’ नहीं बल्कि ‘खास व्यापारियों की पार्टी’ बन चुकी है। पंजाब चुनाव के नाम पर सहानुभूति बटोरने की कोशिश नाकाम होगी, क्योंकि जनता देख रही है कि कैसे एक तरफ दिल्ली में शिक्षा-स्वास्थ्य के नाम पर ढोंग रचा जा रहा है और दूसरी तरफ राज्यसभा की कुर्सियां अरबपतियों को सौंपी जा रही हैं। केजरीवाल का भ्रष्टाचार मिटाने का वादा अब सदी का सबसे बड़ा मजाक बन चुका है!” “क्या आपको भी लगता है कि केजरीवाल ने आम आदमी को धोखा देकर सिर्फ अरबपतियों को पार्टी में जगह दी है? क्या अशोक मित्तल पर ED की कार्रवाई सही है? और क्या राघव चड्ढा के साथ नाइंसाफी हुई है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और सच को फैलाने के लिए इस वीडियो को शेयर करें। जय हिंद!”
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