‘उड़ता पंजाब’ के मठाधीशों का नया पाखंड! Arvind Kejriwal का झूठ फिर पकड़ा गया ? | Sach Ki Raftar

‘उड़ता पंजाब’ के मठाधीशों का नया पाखंड! Arvind Kejriwal का झूठ फिर पकड़ा गया ? | Sach Ki Raftar

आम आदमी पार्टी ने हाल ही में एक ट्वीट किया है जिसमें दावा किया गया है कि “बीजेपी के राज में गुजरात देश में हज़ारों करोड़ के ड्रग्स कारोबार का एंट्री गेट बन गया है।” साथ ही 1180 करोड़ रुपये की कोकीन जब्त होने की फोटो शेयर की गई है। लेकिन राजनीति का यह ‘घटिया और भ्रामक’ चेहरा तब बेनकाब हो जाता है, जब देश यह देखता है कि जिस पंजाब का युवा दशकों से नशे की आग में जल रहा है, जहां घर-घर में मातम पसरा है, उस पंजाब के ‘अघोषित मुख्यमंत्री’ अरविंद केजरीवाल अपनी नाकामी छुपाने के लिए गुजरात पर उंगली उठा रहे हैं।

चूंकि पंजाब में विधानसभा चुनाव बेहद नजदीक हैं, इसलिए इन्हें अचानक युवाओं की याद आने लगी है। लेकिन हकीकत यह है कि पंजाब के युवाओं को बर्बाद करने में वहां के सिस्टम, भ्रष्ट नेताओं और पुलिस के गठजोड़ का सबसे बड़ा हाथ रहा है। आम आदमी पार्टी गुजरात को ‘एंट्री गेट’ बताकर बदनाम कर रही है, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि गुजरात में ड्रग्स का पकड़ा जाना गुजरात पुलिस, इंडियन कोस्ट गार्ड और NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) की मुस्तैदी का सबूत है।

गुजरात के समुद्री रास्ते से पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट भारत में जहर भेजने की कोशिश करते हैं, जिसे ‘सागर मंथन’ जैसे बड़े ऑपरेशनों के तहत बॉर्डर पर ही जब्त कर लिया जाता है। यानी गुजरात में ड्रग्स पकड़ी जा रही है, वहां के लोग उसे कंज्यूम (इस्तेमाल) नहीं कर रहे हैं। इसके विपरीत, पंजाब की स्थिति क्या है? वो भी समझिये।  एम्स (AIIMS) और केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में नशे की खपत का आंकड़ा देश में सबसे डरावना है। वहां सिंथेटिक ड्रग्स (चिट्टा), हेरोइन और नशीली गोलियों का जाल गलियों-मोहल्लों तक फैला है।

गुजरात के मुहाने पर जो ड्रग्स पकड़ी जाती है, वह कमर्शियल और इंटरनेशनल सिंडिकेट की होती है जिसे देश के अंदर घुसने से पहले ही सुरक्षा एजेंसियां ट्रैक कर लेती हैं। वहीं, पंजाब के अंदर हर साल हजारों किलोग्राम ‘चिट्टा’ और हेरोइन सीधे युवाओं के खून में घोली जा रही है। पंजाब पुलिस हर साल छोटे-बड़े तस्करों से भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद करती है, जो यह साबित करता है कि पंजाब के अंदरूनी हिस्सों में नशा रग-रग में समा चुका है। पंजाब में नशा सिर्फ एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि एक संगठित ‘पॉलिटिकल बिजनेस’ बन चूका है।

पंजाब में आए दिन ऐसे मामले सामने आते हैं जहां स्थानीय स्तर के राजनेता, पुलिस अधिकारी और जेल के कर्मचारी खुद इस धंधे में लिप्त पाए जाते हैं। जेलों के अंदर से मोबाइल और ड्रग्स नेटवर्क चलाने की खबरें पंजाब में आम हैं। आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले वादा किया था कि वे हफ्तों में नशा खत्म कर देंगे, लेकिन आज उन्हीं के कई नेताओं और स्थानीय रसूखदारों पर इस धंधे को संरक्षण देने के आरोप लग रहे हैं। गुजरात में पकड़ी जाने वाली ड्रग्स अंतरराष्ट्रीय सीमाओं (समुद्र मार्ग) से आती है, जिसमें पाकिस्तानी नाविक और विदेशी तस्कर शामिल होते हैं।

वहां स्थानीय समाज में पंजाब जैसा ‘कंजम्पशन क्राइसिस’ या युवाओं का नशेड़ी होना नहीं देखा गया है। गुजरात पुलिस और एटीएस (ATS) लगातार इन विदेशी कंसाइनमेंट्स को पकड़कर देश की सुरक्षा कर रही हैं, न कि पंजाब की तरह घर-घर में नशा बिकने दे रही हैं। पंजाब में नशे का ज्यादा बढ़ने के मुख्य कारण बेरोजगारी भी है कैसे वो भी समझिये : पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने राज्य के युवाओं को न तो नशा मुक्त रोजगार दिया और न ही सुरक्षित भविष्य। यही कारण है कि आज पूरे भारत में सबसे ज्यादा युवा पंजाब छोड़कर विदेशों का रुख कर रहे हैं। पंजाब में रोजगार न होने के कारण वहां का युवा डिप्रेशन और नशे में डूब रहा है, और जो बचना चाहता है, वह अवैध रूप से विदेशों में जाने के लिए मजबूर है। पूरे भारत में सबसे ज्यादा पंजाब का युवा ‘डंकी फ्लाइट’ यानी गैरकानूनी तरीकों से जंगलों, समुद्रों और खतरनाक बॉर्डर्स (जैसे मैक्सिको-यूएस बॉर्डर) को पार करके अमेरिका, कनाडा या यूरोप जाने की कोशिश करता है। हर साल इस अवैध यात्रा के दौरान भुखमरी, ठंड या बॉर्डर सिक्योरिटी की गोलियों का शिकार होकर लाखों-करोड़ों रुपये गंवाने के बाद सैकड़ों पंजाबी युवा मारे जाते हैं या लापता हो जाते हैं।

कबूतरबाजी  का यह धंधा पंजाब में धड़ल्ले से चल रहा है। पर भगवंत मान और अरविन्द केजरीवाल मजाल है की इस मुद्दे पर कुछ कहे दे।  इस खूनी सच पर अरविंद केजरीवाल और पंजाब की भगवंत मान सरकार ने अपनी आंखें और जुबान दोनों पूरी तरह बंद कर रखी हैं। इस त्रासदी पर कोई ट्वीट या फोटो आम आदमी पार्टी कभी शेयर नहीं करती। जैसे ही पंजाब के चुनाव नजदीक आते हैं, आम आदमी पार्टी के एजेंडे में ‘नशा’ और ‘युवा’ फिर से आ जाते हैं।

गुजरात के बहाने बीजेपी को घेरने की कोशिश दरअसल अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने का एक बेहद घटिया राजनीतिक स्टंट है। अरविंद केजरीवाल जी, गुजरात की पुलिस तो बॉर्डर पर 1180 करोड़ की कोकीन पकड़कर देश को बचा रही है, लेकिन आपकी नाक के नीचे पंजाब की जेलों और गलियों में जो ‘चिट्टा’ खुलेआम बिक रहा है, जिससे माताओं की गोद सूनी हो रही है, उस पर आपका ट्वीट कब आएगा? पंजाब का युवा जो विदेशों के बॉर्डर्स पर दम तोड़ रहा है, उस पर आम आदमी पार्टी कब जवाब देगी? 

और  सबसे बड़ी बात की जिस गुजरात को लेकर केजरीवाल मोदी सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे है उस गुजरात में शराब पूरी तरह से प्रतिबंधित यानी बैन है पर पंजाब की गली गली में शराब किए नशे में चूर युवा आपको नाली में गिरे पड़े मिल जायेंगे।  केजरीवाल जी अगर युवाओ की इतनी चिंता है तो बैन कर दो शराब पंजाब में है अगर दम तो पर पूरी दुनिया जानती है की तुम ऐसा नहीं करोगे क्युकी शराब बैन कर दोगे तो फिर घोटाला कैसे करोगे जैसे दिल्ली में किया था।  जनता यह भ्रामक राजनीति समझ चुकी है। गुजरात को बदनाम करने से पंजाब का नशा और वहां की बदहाली छुपने वाली नहीं है।

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