एक मर्डर का मज़ाक? डॉ. मुस्कान सोनी के ‘I Hate Men’ वाले बयान पर मचा बवाल! Sach Ki Raftar
“क्या किसी की बेरहमी से हुई हत्या का मज़ाक उड़ाया जा सकता है? क्या कोई इतना असंवेदनशील हो सकता है कि किसी की मौत को एक ‘मज़ाक’ की तरह पेश करे? जी हां, पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में कुछ ऐसा ही हुआ है, जिसने पूरे सोशल मीडिया को हिलाकर रख दिया है! लोग गुस्से में हैं, और इस गुस्से के केंद्र में हैं मध्य प्रदेश के सतना की डेंटिस्ट—डॉक्टर मुस्कान सोनी!” “मामला तब भड़का जब डॉक्टर मुस्कान सोनी ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बेहद आपत्तिजनक स्टोरी शेयर की। उन्होंने लिखा—#IHateMen। इतना ही नहीं, उन्होंने आगे लिखा कि ‘उस पुणे वाले लड़के के तो बाल ही नहीं थे, ऐसे झूठ बोलोगे तो मरोगे ही ना!’ सोचिए, एक इंसान की हत्या हो जाती है और एक डॉक्टर, जिसका पेशा लोगों की जान बचाना और उनके प्रति संवेदना रखना होता है, वो सरेआम लिख रही है कि ‘झूठ बोलोगे तो मरोगे ही!’ इस असंवेदनशीलता ने इंटरनेट पर लोगों का खून खौला दिया और इसके बाद शुरू हुई मुस्कान सोनी की वो ट्रोलिंग, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी।” “लेकिन बात सिर्फ सोशल मीडिया की ट्रोलिंग तक नहीं रुकी। ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट एंड सर्जन एसोसिएशन (AIDSA) ने इस बदजुबानी पर ऐसा चाबुक चलाया कि डॉक्टर साहिबा का करियर सीधे दांव पर लग गया। एसोसिएशन ने इसे अपने संविधान, आचार संहिता और नैतिक मूल्यों के खिलाफ मानते हुए डॉ. मुस्कान सोनी को तत्काल प्रभाव से 5 साल के लिए सस्पेंड कर दिया! 5 साल तक वो न तो किसी मीटिंग का हिस्सा बन पाएंगी और न ही संगठन की किसी गतिविधि में शामिल होंगी। जो मुस्कान सोनी मध्य प्रदेश की कोषाध्यक्ष (Treasurer) बनी बैठी थीं, उन्हें झटके में उनके पद से उखाड़ फेंका गया।” “जब चौतरफा घिर गईं, तो डॉक्टर साहिबा का एक और वीडियो सामने आया। इस बार वो विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश करती दिखीं। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत समझा गया, वो तो हमेशा सही का स्टैंड लेती हैं, और #IHateMen वो इसलिए लिखती हैं क्योंकि उनकी पास्ट लाइफ में कुछ ऐसा हुआ था। लेकिन जनता बेवकूफ नहीं है! सवाल यह उठता है कि मैडम, अगर आपकी पास्ट लाइफ में कुछ गलत हुआ था, तो उसका गुस्सा आप एक मृतक और पूरे मर्द समाज पर क्यों निकाल रही हैं? किसी की मौत पर इस तरह की घिनौनी टिप्पणी को ‘जोक’ कहकर कैसे टाला जा सकता है?” “यह मामला साफ दिखाता है कि सोशल मीडिया पर फेम पाने के लिए लोग किस हद तक गिर सकते हैं। क्या एक डॉक्टर का ऐसा रवैया समाज में स्वीकार्य है? क्या एसोसिएशन ने 5 साल का बैन लगाकर सही किया या सजा और सख्त होनी चाहिए थी? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि ऐसी असंवेदनशीलता के खिलाफ आवाज उठती रहे। चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। जय हिंद! #Ketan_Aggarwal #siya_goel #muskan_soni #murder #sach_ki_raftar
