केजरीवाल का पंजाब मॉडल बेनकाब! हरभजन के VIDEO ने खोली पोल? पंजाब का सच क्या है? Sach Ki Raftar
“चुनावी मौसम आते ही दिल्ली से लेकर पंजाब तक ‘सियासी ड्रामेबाज़ी’ का बाजार गर्म हो चुका है! एक तरफ आम आदमी पार्टी के ही राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर रो रहे हैं कि ‘मेरे पंजाब को बचा लो, पंजाब तबाह हो गया!’… और दूसरी तरफ खुद पंजाब पुलिस अपने ही सांसद की पोल खोलकर कह रही है कि ‘भज्जी साहब, ज्ञान थोड़ा जांच-परखकर बांटा कीजिए!'”
“लेकिन असली खेल तो इसके पीछे चल रहा है! पंजाब में चुनाव करीब आते ही अरविंद केजरीवाल ने फिर से गोदी मीडिया और अपने चमचे पत्रकारों के चैनलों पर इंटरव्यू देना शुरू कर दिया है। सवाल यह है कि जो केजरीवाल दिल्ली के जंतर-मंतर पर मोदी सरकार के खिलाफ जहर उगलने पहुँच जाते हैं… उन्हें पंजाब के पेपर लीक और झारखंड के पसीने बहाते छात्रों का दर्द क्यों नहीं दिखता? आज इस ‘दोगली राजनीति’ का पूरा कच्चा चिट्ठा खुलेगा!”
“पहले इस घटिया राजनीति का पहला अध्याय समझिए। 9 और 10 अगस्त को पूर्व क्रिकेटर और AAP के राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में दो युवक भयंकर नशे की हालत में दिख रहे हैं। भज्जी साहब ने एक के बाद एक दो भावुक पोस्ट लिखे— ‘पंजाब के हालात देखकर आंखों में आंसू आ जाते हैं… पंजाब को किसी की नजर लग गई है!'”
“लेकिन इसके ठीक डेढ़ घंटे बाद क्या हुआ? भगवंत मान की पंजाब पुलिस ने ही अपने सांसद की फजीहत करा दी! पंजाब पुलिस ने ट्वीट करके साफ कह दिया कि— ‘यह वीडियो पंजाब का है ही नहीं, राजस्थान के श्रीगंगानगर का है। सिर्फ पंजाबी ऑडियो लगा देने से कोई घटना पंजाब की नहीं बन जाती!'”
“सोचिए! जिस पार्टी के सांसद को खुद अपनी सरकार के राज्य का सच नहीं पता, जो बिना फैक्ट-चेक किए अपने ही सूबे को बदनाम करने में लगे हैं, वो पंजाब को क्या संभालेंगे? या फिर यह भी किसी सोची-समझी स्क्रिप्ट का हिस्सा था?”
“अब आइए इस पूरे खेल के असली ‘मास्टरमाइंड’ यानी अरविंद केजरीवाल पर! पंजाब में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, केजरीवाल साहब की छटपटाहट बढ़ती जा रही है।
अब इन्होंने अपने चाटुकारों और पालतू चैनलों को इंटरव्यू देना शुरू कर दिया है ताकि पंजाब में खोई हुई जमीन वापस पाई जा सके। लेकिन पंजाब की जनता सब देख रही है!
जिस नशा मुक्ति का वादा करके सत्ता में आए थे, आज पंजाब का युवा उसी दलदल में फंसा है!
कानून व्यवस्था का जनाज़ा निकल चुका है!
और केजरीवाल साहब अपने वातानुकूलित कमरों में बैठकर ‘इंटरव्यू-इंटरव्यू’ खेल रहे हैं!”
“केजरीवाल का असली एजेंडा क्या है? यह किसी से छिपा नहीं है! ये लगातार देश के छात्रों और युवाओं को भड़काकर भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी अराजकता और तख्तापलट वाली स्थिति पैदा करना चाहते हैं!
इसी घटिया एजेंडे को हवा देने के लिए इनके चेले (जैसे अभिजीत दीपके) हर आंदोलन में रोटियां सेकने पहुँच जाते हैं। लेकिन इनका दोगलापन तो देखिए:
दिल्ली जंतर-मंतर का प्रोटेस्ट: चूंकि वहां पीएम मोदी और बीजेपी सरकार के खिलाफ नारेबाजी हो रही थी, तो केजरीवाल तुरंत माइक संभालकर हुंकार भरने पहुँच गए!
झारखंड और पंजाब का छात्र आंदोलन: जब झारखंड में बीजेपी-विरोधी सरकार के राज में छात्रों को लाठियों से पीटा गया, या जब पंजाब में पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर युवा सड़कों पर उतरे… तब केजरीवाल और उनकी पूरी गैंग को सांप सूंघ गया! होठ सिल गए!”
“क्यों? क्योंकि वहां के छात्र नरेंद्र मोदी को गाली नहीं दे रहे थे! और जब तक मोदी को गाली न दी जाए, तब तक केजरीवाल का राजनीति का चूल्हा नहीं जलता! क्या झारखंड और पंजाब के छात्र, छात्र नहीं हैं? या उनका हक सिर्फ तब तक मायने रखता है जब तक उससे आम आदमी पार्टी का राजनीतिक फायदा हो?”
“सच्चाई यही है दोस्तों! यह पूरी जमात सिर्फ अराजकता फैलाकर सत्ता पर काबिज होना चाहती है। इन्हें न पंजाब के युवाओं की फिक्र है, न देश के छात्रों के भविष्य की! इन्हें फिक्र है तो सिर्फ अपनी कुर्सी की और मोदी विरोध के अपने एजेंडे की।
लेकिन देश का युवा अब जागरूक हो चुका है। वो समझ चुका है कि कौन उनके साथ खड़ा है और कौन सिर्फ उनके कंधों पर बंदूक रखकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहा है।
क्या आपको भी लगता है कि अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी का यह ‘सिलेक्टिव विरोध’ पूरी तरह बेनकाब हो चुका है? अपनी बेबाक राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर लिखें!
वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें! जय हिंद, जय भारत!”
