जिहादियों पर योगी का बड़ा Action, सूर्या को मिला सच में न्याय ? Picture अभी बाकी है | Sach Ki Raftar
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के खोड़ा थाना क्षेत्र में बकरीद के दिन हुई सूर्य प्रताप चौहान की निर्मम हत्या के बाद आखिरकार पुलिस और प्रशासन नींद से जाग गया है. पुलिस ने मुख्य आरोपी असद का एनकाउंटर करने और उसके तीन सहयोगियों को गिरफ्तार करने के बाद अब पूरे इलाके में अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए महा-अभियान शुरू कर दिया है.
कहा जा सकता है कि सूर्य की मौत व्यर्थ नहीं गई है. जो काम पुलिस-प्रशासन को पहले करना चाहिए था, वह अब युद्धस्तर पर किया जा रहा है.
सूर्या हत्याकांड के बाद एनकाउंटर में ढेर हुए मुख्य आरोपी असद के पिता नवाब को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही फरहान और आतिफ नाम के दो युवकों को भी पुलिस ने पकड़ा है. जिसमें से फरहान और आतिफ की उम्र महज 19 वर्ष है. पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान फरहान ने बताया कि उसकी सूर्य प्रताप से दोस्ती थी. बकरीद यानी 28 मई को दोपहर 3:00 बजे बाइक चलाने को लेकर असद का सूर्या से झगड़ा हो गया था.
असद ने यह बात अपने पिता नवाब और दोस्तों को बताई थी, तभी इन लोगों ने असद को सबक सिखाने की योजना बनाई और आधे घंटे बाद नवनीत विहार गली में घेर लिया. गिरफ्तार आरोपी फरहान के मुताबिक उसने असद को चाकू दिया और असद के पिता नवाब ने कहा कि आज इसकी कहानी खत्म कर दो. इसके बाद असद ने सूर्य प्रताप को चाकू से गोद दिया.
गाजियाबाद में सूर्या प्रताप हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था. असद पर आरोप था कि 28 मई को बकरीद वाले दिन एक 17 वर्षीय सूर्या पर चाकू से हमला किया था. इसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था. डॉक्टरों की तमाम कोशिश के बावजूद सूर्या को बचाया नहीं जा सका था.
इस घटना के बाद पुलिस असद को तलाश रही थी. पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि असद अपने साथियों से पैसे लेकर भागने की योजना बना रहा है. पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और बैरिकेड लगाकर चेकिंग की जा रही थी. इसी दौरान बाइक से अपने एक साथी के साथ जा रहे असद को पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चला दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद बुरी तरह जख्मी हो गया. अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
