नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: रात में रनवे पर ‘फ्लाइट्स’ तो हैं, पर टर्मिनल पर ‘यात्री’ गायब! #Shorts | Reels | Sach Ki Raftar
नोएडा/जेवर: दावा है देश और एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार होने का, लेकिन जमीनी हकीकत फिलहाल कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रात के वक्त रनवे पर लाइट्स तो जगमगा रही हैं, फ्लाइट्स भी लैंड कर रही हैं, लेकिन टर्मिनल से बाहर निकलने वाले ‘यात्री’ नदारद हैं। आलम यह है कि घंटों इंतजार के बाद भी सवारियां न मिलने से कैब ड्राइवर्स बेहद परेशान हैं।
हैरानी की बात तो यह है कि खुद नोएडा और ग्रेटर नोएडा के रहने वाले लोग भी फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट को ही तरजीह दे रहे हैं। वजह साफ है—कनेक्टिविटी, उड़ानों की फ्रीक्वेंसी और बेहतर विकल्प। दिल्ली में उतरने वाले यात्री वहीं से कैब कर रहे हैं, जिससे नोएडा एयरपोर्ट के बाहर खड़े ड्राइवर्स के हाथ सिर्फ खाली समय और निराशा लग रही है।
जानकारों की मानें तो किसी भी नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पूरी तरह से फंक्शनल होने और वहां पैसेंजर फुटफॉल (यात्रियों की संख्या) बढ़ने में समय लगता है। नोएडा एयरपोर्ट को दिल्ली के मुकाबले एक बड़े एविएशन हब के रूप में स्थापित होने में अभी कुछ साल और लगेंगे। जब तक एयरलाइंस अपनी उड़ानों की संख्या नहीं बढ़ातीं और कनेक्टिविटी पूरी तरह स्मूथ नहीं होती, तब तक यह ‘इंटरनेशनल’ टचडाउन सिर्फ कागजों और रात के सन्नाटे तक ही सीमित रहेगा।
कैब ड्राइवर का दर्द: “रात-रात भर गाड़ी खड़ी रहती है। उम्मीद होती है कि कोई सवारी मिलेगी, लेकिन पूरी की पूरी फ्लाइट खाली जैसी आती है। हमारी कमाई तो दूर, सीएनजी का खर्चा निकालना मुश्किल हो रहा है।”
