
मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स में दिखाई दिया खेल भी कौशल भी का चरमोत्कर्ष
गौहर अनवार
मेरठ। मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स के विद्यालय परिसर में उत्साह, ऊर्जा और उल्लास से भरा वातावरण उस समय और भी जीवंत तो उठा, जब विद्यालय में बहुप्रतीक्षित वार्षिक खेल दिवस 2025 का भव्य आयोजन किया गया। जिसकी थीम खेल भी कौशल भी रही। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉक्टर प्रेमचंद कश्यप, विंग कमांडर विकास श्रोत्रिया, वरुण अहलावत, उल्हास कोरावी सत्यनारायण, (भारतीय बास्केटबॉल खिलाड़ी) और डॉक्टर सुमित उपाध्याय (ईएनटी विशेषज्ञ, न्यूटीमा अस्पताल,मेरठ) और ज्ञानेंद्र अग्रवाल रहे। जिन्होंने अपनी गरिमामयी उपस्थित से कार्यक्रम की शोभा को बढ़ाया।
विद्यालय प्रबंधन की ओर से मेरठ पब्लिक स्कूल ग्रुप की सह संस्थापिका कुसुम शास्त्री, प्रबंध निदेशक विक्रमजीत सिंह शास्त्री, निदेशिका केतकी शास्त्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मधु सिरोही भी उपस्थित रहीं। खेल दिवस की शुरुआत अतिथियों के आगमन से हुई जिनका स्वागत अद्भुत स्केटिंग कौशल के साथ किया गया। इसके बाद अतिथिगणों को भेंट स्वरूप पौधे प्रदान कर उनका हार्दिक अभिनंदन किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्या रचना शर्मा ने सभी उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों तथा छात्राओं को संबोधित किया। खेल दिवस की शुरुआत अद्भुत मार्च पास्ट से हुई। जिसमें विभिन्न सदनों की छात्राओं ने सधे कदमों और अनुशासित अंदाज से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। खेल कप्तान द्वारा मशाल प्रज्ज्वलन तथा शपथ ग्रहण कराया गया। जिसमें छात्राओं ने निष्पक्ष खेल, टीम भावना के पालन का संकल्प किया। खेल कौशल का धमाकेदार प्रदर्शन ऊर्जा और रोमांच से भरा हुआ रहा। पूरा दिन विभिन्न शानदार प्रतियोगिताओं, कौशल आधारित रोमांचक खेलों के सफर में अनेक गतिविधियाँ सम्मिलित रहीं, जिसमें स्पैल एण्ड स्प्रिंट रेस, ऑक्टोपस रेस, स्किपिंग रेस, रिले रेस, स्लो साइकिलिंग रेस, हर्डल रेस, हुला हूप एडवेंचर रेस, बैलेनियम बैलेंसिंग रेस, शटल रन विद कोन्स,लेमन स्पून बैलेंस रेस,टग ऑफ वार आदि रहे। इन खेलों में छात्राओं की स्फूर्ति, आत्मविश्वास और ऊर्जा ने दर्शकों को बार-बार तालियाँ बजाने पर विवश कर दिया। विद्यालय की पूर्व छात्राओं ने भी पूरे जोश के साथ ‘लेमन स्पून बैलेंस रेस’ में भाग लिया।
इसके बाद विभिन्न प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम से छात्राओं ने खेल कौशल, अनुशासन और जीवन मूल्यों का एक सुंदर संदेश दिया। मुख्य अतिथि ने भी अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि खेल केवल मैदान पर जीतना नहीं सिखाते, बल्कि यह जीवन में धैर्य, संतुलन, कौशल और अनुशासन का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं।उन्होंने छात्राओं को जंक फूड तथा मोबाइल के अत्यधिक प्रयोग से दूर रहने की भी सलाह दी।विद्यालय की उप प्रधानाचार्या बेला चड्ढ़ा ने सभी अतिथियों, अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खेल दिवस केवल स्पर्धाओं का मंच नहीं, बल्कि सीखने और आत्मविश्वास की एक सुंदर यात्रा है। आज हमारी छात्राओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि वह कौशल और आत्मविश्वास की एक जीवंत मिसाल हैं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।
