
मेरे पिता इस धरती पर ईश्वर का भेजा अनमोल उपहार थे : सरबजीत कौर
बागपत। सुप्रसिद्ध समाज सेविका सरबजीत कौर ने फादर्स- डे पर अपने पिता स्वर्गीय सरदार धर्म सिंह को याद करते हुए पिता के बारे में अपने विचार साझा किये। सरबजीत कौर ने कहा कि मेरे पिता इस धरती पर ईश्वर का भेजा हुआ अनमोल उपहार थे। वह मेरे सबसे अच्छे शिक्षक, मार्गदर्शक व मित्र थे। वह मेरे जीवन में कई सारी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते थे। मैं जब भी किसी समस्या में होती थी तो पिता मुझमें विश्वास पैदा करने का कार्य करते थे। वह हर विपरित परिस्थितियों में मेरे साथ खड़े रहते थे और हर समस्याओं, दुखों, विपत्तियों का सामना करने के लिए मुझे जागरूक करते थे। सरबजीत कौर ने बताया कि मेरे पिता प्रेम और त्याग की प्रतिमूर्ति थे। उनकी महानता को व्यक्त करने के लिए विश्व की किसी वर्णमाला में कोई सटीक शब्द नही है। पिता की महानता को व्यक्त करना तो मेरी कल्पनाशक्ति से भी दूर है। शायद ही कोई दिन हो जिस दिन में उनको याद नही करती हूॅं। सरबजीत कौर ने कहा कि पिता भले ही प्रत्यक्ष रूप से आज मेरे साथ ना हो, लेकिन हर पल पिता के साथ होने का अहसास होता है। मैं अपने पिता को अपना आदर्श और सबसे अच्छा मित्र मानती हूॅं। पिता ही मेरे जीवन का आधार स्तम्भ है। मैं उनसे आगाध प्रेम कल भी करती थी और आज भी करती हूॅं।
