सपा के ‘राज’ में गैरकानूनी साम्राज्य! आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रशासन का बुलडोजर एक्शन तैयार | Sach Ki Raftar
रामपुर। समाजवादी पार्टी के शासनकाल में सत्ता की हनक और रसूख के दम पर किस कदर नियमों को ताक पर रखकर ‘अवैध किले’ खड़े किए गए, इसका एक और सनसनीखेज खुलासा रामपुर में हुआ है। सपा के कद्दावर नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय’ पर अब योगी सरकार के जिला प्रशासन का कानून का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है। रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) और अग्निशमन विभाग की संयुक्त छापेमारी में जो सच सामने आया है, उसने सपा के विकास के दावों की धज्जियां उड़ाकर रख दी हैं।
बिना नक्शे के खड़े कर दिए 38 अवैध भवन!
जांच टीम जब जौहर यूनिवर्सिटी के भीतर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। शिक्षा के मंदिर की आड़ में कानून को ठेंगा दिखाते हुए एक या दो नहीं, बल्कि पूरे 38 भवन (स्ट्रक्चर) बिना किसी वैध मानचित्र (नक्शे) के खड़े कर दिए गए थे। यानी जिस यूनिवर्सिटी को सपा सरकार के दौरान आलीशान तरीके से चमकाया गया, उसका पूरा आधार ही गैरकानूनी निर्माण पर टिका हुआ है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने इस घोर लापरवाही और अवैध निर्माण को लेकर जौहर यूनिवर्सिटी प्रशासन को कड़ा नोटिस थमाकर जवाब तलब किया है।
प्रशासन का अल्टीमेटम: नोटिस की मियाद खत्म होते ही चलेगा पीला पंजा!
इस पूरे मामले पर रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने दो टूक शब्दों में साफ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। उन्होंने बताया:
“फायर विभाग और आरडीए की संयुक्त टीम ने जब मौके पर गहन जांच की, तो पता चला कि पूरी यूनिवर्सिटी के भीतर मात्र दो ही निर्माण ऐसे हैं जिनका मानचित्र स्वीकृत है। शेष 38 स्ट्रक्चर पूरी तरह बिना अनुमति के खड़े किए गए हैं। हमने उन्हें नोटिस जारी कर दिया है। अगर उनके पास कोई वैध अनुमति है तो तय समय सीमा में प्रस्तुत करें, अन्यथा नियमानुसार सख्त ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।”
सपा की तुष्टिकरण और ‘खास’ नीति पर बड़ा प्रहार
यह कार्रवाई इस बात का जीता-जागता सबूत है कि कैसे समाजवादी पार्टी के राज में रसूखदारों को अवैध निर्माण करने की खुली छूट थी। आम जनता को एक छोटा सा मकान बनाने के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, वहीं आजम खान के इस साम्राज्य में बिना किसी आरडीए परमिशन और फायर एनओसी (NOC) के धड़ल्ले से दर्जनों इमारतें तान दी गईं। छात्रों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बिना फायर क्लीयरेंस के इन भवनों को चलाना सपा के प्रशासनिक फेल्योर को दर्शाता है। अब नोटिस की समय सीमा समाप्त होते ही इन अवैध इमारतों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। उत्तर प्रदेश, रामपुर से ‘सच की रफ्तार’ के ब्यूरो प्रमुख ज़फर अली की खास रिपोर्ट।
