वोट चोरी के सबूत होने के बावजूद भी, कोर्ट क्यों नहीं जा रही है Rahul ? | H File | Vote Chori | Sach Ki Raftar
कल, नेता प्रतिपक्ष श्री राहुल गांधी जी ने एक सनसनीखेज प्रेस कॉन्फ्रेंस करके देश के सामने ‘H-Files’ के नाम से एक प्रजेंटेशन पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में 25 लाख से ज़्यादा वोट चुराए गए, और यह एक केंद्रीकृत (Centralized) ऑपरेशन है, जिसका सीधा फायदा सत्ताधारी पार्टी को हो रहा है।
राहुल जी, आपका स्वागत है। आपने लोकतंत्र के आधार पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। ये आरोप बहुत गंभीर हैं।
राहुल गांधी कहते है की : मैं देश के युवाओं और ‘Gen-Z’ को बताना चाहता हूँ कि उनके भविष्य की चोरी की जा रही है। हमारे पास पुख्ता सबूत हैं कि कैसे सुनियोजित तरीके से चुनाव चुराए गए। परन्तु राहुल जी, आप ‘पुख्ता सबूत’ की बात कर रहे हैं। मेरा पहला और सबसे तीखा सवाल यही हैकी यदि आप कहते हैं कि आपके पास ब्राजीलियन मॉडल की तस्वीर, डुप्लीकेट वोटर्स के नाम, और फर्जी पते हैं। जब आपके पास इतने पुख्ता, ठोस, और अकाट्य प्रमाण हैं, तो कांग्रेस पार्टी अभी तक सुप्रीम कोर्ट या इलेक्शन पिटीशन के साथ चुनाव आयोग क्यों नहीं गई?
जबकि आपकी पार्टी के पास कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी, और मनीष तिवारी जैसे देश के सबसे काबिल वकील मौजूद हैं। क्या प्रेस कॉन्फ्रेंस केवल राजनीतिक दबाव बनाने का एक ज़रिया है, या कानूनी लड़ाई लड़ने का भी आपका कोई इरादा है?माफ़ कीजिएगा, लेकिन कोर्ट की प्रक्रिया ज़्यादा प्रभावी होती है, न कि केवल प्रेस कॉन्फ्रेंस। देश जानना चाहता है कि सबूतों को कोर्ट में पेश करने से क्यों डर रहे हो ?
राहुल जी, आपने ‘वोट चोरी’ को एक केंद्रीकृत ऑपरेशन बताया है।
देश की जनता सवाल कर रही है कि आपकी पार्टी 60 साल तक देश पर राज कर चुकी है। क्या आप आज वोट चोरी के जो तरीके और अनुभव जनता को बता रहे हैं, वो कांग्रेस के अपने शासनकाल में हुए अनुभवों पर आधारित हैं? क्या पिछली सरकारों में भी ऐसी ‘सेंट्रलाइज्ड’ वोट चोरी होती थी, जिसके बारे में आपको आज पता चला है?
Rahul Ji, चुनाव आयोग ने महादेवपुरा (कर्नाटक) के मामले में आपसे हलफनामा (Affidavit) दाखिल करने को कहा था ताकि जांच शुरू की जा सके।
लेकिन कांग्रेस की तरफ से कोई हलफनामा दायर नहीं हुआ। अब हरियाणा मामले में भी, आप ‘हाइड्रोजन बम’ की बात कर रहे हैं, लेकिन जब आयोग औपचारिक जांच के लिए कहेगा, तो क्या आप फिर बगलें झाँकने लगेंगे? क्यों आप एक शपथ-पत्र देकर इन आरोपों की कानूनी ज़िम्मेदारी लेने से बच रहे हैं?
आपने ek aur दावा किया कि पोस्टल बैलेट में कांग्रेस आगे थी, लेकिन असली नतीजों में हार गई। पोस्टल बैलेट मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों, सेना और वरिष्ठ नागरिकों द्वारा डाले जाते हैं।
क्या आपका आरोप यह है कि इन सरकारी वोटों में भी धांधली की गई है? और आप बार-बार Gen-Z को संबोधित कर रहे हैं, जबकि ‘वोट चोरी’ के सबूत (डुप्लीकेट/फर्जी पते) मुख्य रूप से पुराने वोटर डेटा से जुड़े हैं। क्या यह केवल युवाओं की भावनाओं को भड़काने की रणनीति है?
राहुल जी, आपके ‘H-Files’ का खुलासा बिहार चुनाव में पहले चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले हुआ है। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सीधे आरोप लगाया है कि यह बिहार में कांग्रेस की संभावित हार का पहले से तैयार किया गया बहाना है। क्या ये आरोप लगाना, जनता के बीच अविश्वास पैदा करके, हार की ज़िम्मेदारी लेने से बचने का एक राजनीतिक हथियार तो नहीं है?
राहुल जी, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। लोकतंत्र को बचाने के लिए उठाए गए आपके हर कदम का स्वागत है, लेकिन देश चाहता है कि अगर सबूत हैं, तो उन्हें कानूनी तौर पर भी साबित किया जाए। हम उम्मीद करते हैं कि आप जल्द ही इस मामले को लेकर कोर्ट या चुनाव आयोग के सामने शपथपत्र के साथ पेश होंगे।
एक अंतिम और गंभीर सवाल क्या जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है क्या वोट वहां भी चोरी हुए है अगर हुए है तो उन राज्यों में आपकी सरकार कैसे बन गई ?
दर्शको, राहुल गांधी के गंभीर आरोप और हमारे कड़े सवाल आपके सामने हैं। इस पूरे मामले पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट बॉक्स में ज़रूर बताएं। देखते रहिए…
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