AAP की ‘झूठ की फैक्ट्री’बेनकाब! बच्चा चोर की अफवाह या गंदी राजनीति? | Delhi Police | Sach Ki Raftar
क्या दिल्ली में वाकई कोई ‘बच्चा चोर’ गिरोह सक्रिय है? क्या दिल्ली की सड़कें असुरक्षित हो गई हैं? या फिर… हार से बौखलाई आम आदमी पार्टी अपनी घटिया राजनीतिक के चलते दिल्लीवालों की नींद उड़ाने के लिए ‘झूठ की फैक्ट्री’ चला रही है? आज हम आंकड़ों के साथ उस प्रोपेगेंडा की धज्जियाँ उड़ाएंगे, जिसे आम आदमी पार्टी दिल्ली में खौफ पैदा करने के लिए इस्तेमाल कर रही है। आम आदमी पार्टी ने एक वीडियो शेयर कर पूछा— “अब दिल्ली पुलिस बताए.. पैनिक करें या नहीं?” केजरीवाल के नेता एक वीडियो के जरिये दिल्ली वालो के मन में भय पैदा कर रहे है
ये दिखाना चाहते है की दिल्ली की मौजूदा सरकार दिल्ली वालो की सुरक्षा नहीं कर सकती। इस वीडियो में कुछ तथ्य दिखाए गए है लेकिन क्या उन्होंने आपको पूरा सच बताया? नहीं वो हम आपको बताएँगे।
2023 में जब केजरीवाल की सरकार थी तब अगर 25,075 लोग लापता हुए, तो पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 13,107 लोगों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। 2024 में 21,278 में से 10,354 लोग वापस अपने घर पहुँचे। 2026 की शुरुआत में भी पुलिस ने 2,498 में से 655 लोगों को सुरक्षित धुंध लिया गया।
सत्ता से बाहर होते ही क्या आम आदमी पार्टी ये भूल गई कि लापता लोगों की संख्या के साथ ‘रिकवरी रेट’ बताना भी ईमानदारी है? सिर्फ आधा सच दिखाकर दिल्ली को डराना क्या ‘घटिया राजनीति’ नहीं है?
NCRB के आंकड़े गवाह हैं कि लापता होने वालों में बच्चों की तादाद महज 20% है। इनमें एक बड़ा हिस्सा उन महिलाओं का है जो अक्सर व्यक्तिगत कारणों या प्रेम प्रसंग के चलते घर छोड़ती हैं। हाँ, ह्यूमन ट्रैफिकिंग एक कड़वा सच है और पुलिस उस पर काम कर रही है, लेकिन हर मामले को ‘किडनी चोर’ या ‘बच्चा चोर’ गिरोह से जोड़ना सिर्फ अफवाह फैलाना है।
अगर आप NCRB का डाटा चेक करेंगे तो पता चलेगा की जितने लोग लापता होते है उनमे से लगभग 60 से 70 प्रतिशत लोगो को ढूंढ लिया जाता है पुलिस के द्वारा परन्तु केजरीवाल के नेता ये नहीं बताएँगे आपको और तो सिर्फ आपको डरना शिखाएँगे।
बाज़ार में चर्चा ये भी गर्म है कि क्या ये सारा बवंडर रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी’ के प्रमोशन का हिस्सा है? क्या फिल्म को फायदा पहुँचाने के लिए ‘पेड प्रमोशन’ के जरिए दिल्ली में डर का माहौल बनाया गया? दिल्ली पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इन अफवाहों के तार कहाँ से जुड़े हैं।
और जाँच उन सबकी भी हो रही है जो इस खबर को या ZIPNET के डाटा को गलत तरीके से लोगो को दिखा रहे है। दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है— “घबराएँ नहीं, कोई गिरोह सक्रिय नहीं है।” पुलिस हर केस की जांच कर रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी, जिसे दिल्ली की जनता ने नकार दिया है, अब डराकर राज करना चाहती है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन जनता की मानसिक शांति से खिलवाड़ करना अक्षम्य है। आम आदमी पार्टी के नेता अपनी ‘राजनीति चमकाने’ के लिए दिल्ली के हर घर में खौफ का ज़हर घोल रहे हैं।
दिल्ली पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन आपको सावधान रहना है— उन अफवाहों से, जो आपके फोन पर ‘शेयर’ की जा रही हैं। महिलाये, जब भी घर से बहार निकल सावधानी बरते, किसी भी अनजान व्यक्ति पर शक होने पर पुलिस से तुरंत संपर्क करे, घर के छोटे बच्चो का विशेष ध्यान रखे, और अफवाओं से बच्चे, हर खबर की जाँच जरूर करे कही ऐसा न हो की आप भी किसी घटिया राजनीती का शिकार हो जाये। आप तमाम लोग पुलिस के आँख और कान बने ताकि अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सके।
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