
CCSU में देश के प्रथम महिला-नेतृत्वित बैडमिंटन रैकेट निर्माण केंद्र की हुई शुरुआत
- यह पहल खेल-आधारित आजीविका के एक नए मॉडल के रूप में उभरेगी।- सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान
गौहर अनवार
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) द्वारा संचालित देश के प्रथम बैडमिंटन रैकेट निर्माण उत्कृष्टता केंद्र का शुभारंभ किया गया। यह यूनिट HDFC बैंक की CSR पहल HDFC परिवर्तन के अंतर्गत स्थापित की गई है, जिसका नेतृत्व नुसरत पठान, विकास कुमार एवं उनकी टीम ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान रहे। उन्होंने कहा कि यह पहल खेल-आधारित आजीविका के एक नए मॉडल के रूप में उभरेगी और महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने में विशेष योगदान देगी। कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा है कि मेरठ खेल निर्माण उद्योग का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। विश्वविद्यालय का दायित्व है कि वह न सिर्फ ज्ञान दे, बल्कि समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए। यह महिला-नेतृत्वित रैकेट निर्माण केंद्र हमारे ‘स्किल, स्पोर्ट्स और सोशल एंपावरमेंट’ के विज़न को साकार करता है। विश्वविद्यालय इस परियोजना को स्किल एजुकेशन से जोड़ते हुए शीघ्र ही दो-क्रेडिट का कौशल पाठ्यक्रम प्रारंभ करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना की स्थापना में कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के राज्य मंत्री चौधरी जयंत सिंह का विज़न और विश्वविद्यालय से उनका भावनात्मक जुड़ाव महत्वपूर्ण रहा है।
प्रो. बिंदु शर्मा, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम और परियोजना के समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई, उन्होंने कहा कि शटलकॉक और बैडमिंटन रैकेट निर्माण जैसी तकनीकें महिलाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के अत्यंत प्रभावी साधन बन सकती हैं।मिशन शक्ति से जुड़ी हमारी स्वयंसेविकाएँ इस यूनिट के संचालन, प्रशिक्षण और क्षमता-विकास में मुख्य भूमिका निभा रही हैं। इस पहल से मेरठ मंडल की हजारों महिलाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।यहां यह बता दे कि दिसंबर 2024 में भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की टीम विश्वविद्यालय पहुँची थी। केंद्रीय कौशल विकास मंत्री जयंत चौधरी के निजी सचिव डॉ. प्रभात कुमार के नेतृत्व में टीम ने सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में प्रस्तावित शटलकॉक निर्माण केंद्र का निरीक्षण किया था। कुलपति प्रो. शुक्ला ने इस निरीक्षण को विश्वविद्यालय के लिए ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं को आधुनिक तकनीक, कौशल और रोजगार मिलेंगे। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने रैकेट निर्माण की संपूर्ण प्रक्रिया देखी, जिसे उपस्थित मीडिया और गणमान्यों ने सराहा। कार्यक्रम के सफल समन्वय की जिम्मेदारी प्रो. बिंदु शर्मा ने निभाई। इस अवसर पर प्रो. मृदुल कुमार गुप्ता, प्रो. हरे कृष्णा, प्रो. वीरपाल सिंह, प्रो. दिनेश कुमार, डॉ. प्रदीप चौधरी, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. विजेता गौतम, डॉ. नीरज सिंघल, इंजीनियर मनीष मिश्रा, इंजीनियर विकास कुमार त्यागी शामिल रहे।
