PM Modi पर कीचड़ उछालने वाली कांग्रेस नेत्री Ragni Nayak को क्यों होना पड़ा जलील | Sach Ki Raftar

PM Modi पर कीचड़ उछालने वाली कांग्रेस नेत्री Ragni Nayak को क्यों होना पड़ा जलील | Sach Ki Raftar

नमस्कार दोस्तों। राजनीति में बयानों और आरोपों का स्तर किस हद तक गिराया जा सकता है, इसका एक नया उदाहरण हाल ही में देखने को मिला जब कांग्रेस की टूलकिट ने अपने घटियापन की सभी हदे पार करते हुए एक पता और पुत्री के बिच के सम्बन्ध को भी अपनी  राजनीती साधने के लिए सूली पर चढ़ा दिया । आज कांग्रेस के सभी नेता प्रधानमंत्री के एक वीडियो को पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर कीचड़ उछलना चाह रहे थे परन्तु असमान में थूकने पर खुद का ही थूक खुद पर आ गिरता है और यही इन गठिया मानसिता वाले कोंग्रेसियों के साथ हुआ है।  दरसअल में  रक्षाबंधन के अवसर पर जब छोटे-छोटे स्कूली बच्चे देश के प्रधानमंत्री को राखी बांधने पहुंचे, तो उस आत्मीय पल को भी घटिया राजनीतिक विवाद का जरिया बना दिया गया।”

ये है कांग्रेस की प्रवक्ता रागिनी नायक इन्होने एक बच्ची और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच की बातचीत का वीडियो पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि ये छोटी बच्ची, कितनी असहज लग रही है. संकोच भरी हँसी हँस रही है।  अपने अँगूठे की मदद से हाथ छुड़ाने की लगातार कोशिश कर रही है ! और मोदी जी का चेहरा देखिए, उनके भाव देखिए, ज़बरदस्ती बच्ची का हाथ पकड़ना देखिए ! क्या कहेंगे इस दुर्व्यवहार को ???

सोचिए! एक महिला होकर भी उन्हें उस छोटी बच्ची और देश के प्रधानमंत्री के स्नेह में केवल ‘दुर्व्यवहार’ ही नज़र आया? क्या राजनीति चमकाने के लिए अब मासूम बच्चों के आत्मसम्मान और उनकी खुशियों को मोहरा बनाया जाएगा?” रागिनी नायक ने सोचा होगा कि इस ट्वीट से वो मोदी जी की छवि खराब कर देंगी, लेकिन पासा उल्टा पड़ गया!

सोशल मीडिया पर जनता ने इस ओछी मानसिकता को आड़े हाथों लिया और ऐसा आइना दिखाया कि कांग्रेसियों को मुँह छुपाने की जगह नहीं मिली। शर्मदार व्यक्ति हो तो चुलु भर पानी में दुब मरे पर वो कांग्रेसी ही क्या जिसको शर्म आ जाये। 

सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। कई लोगों ने लिखा कि बच्चों और बड़ों के बीच के स्वाभाविक स्नेह को राजनीतिक चश्मे से देखना गलत है।

इसके जवाब में, यूज़र्स ने विपक्षी नेताओं—विशेषकर राहुल गांधी—के विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों और जनसभाओं के पुराने वीडियो शेयर करने शुरू कर दिए, जहाँ वे बच्चों और समर्थकों से मिल रहे थे। अब इस वीडियो में देखिये जहा खुद राहुल गाँधी एक मंच पर जबरदस्ती एक बच्ची का हाथ पकड़ कर जबरदस्ती उससे बात कर रहे है

ये वीडियो एक यूजर ने रागनी नायक को भेजते हुए लिखा की ये छोटी बच्ची, कितनी असहज लग रही है।  संकोच भरी हँसी हँस रही है।   अपने हाथ को छुड़ाने की लगातार कोशिश कर रही है !  और 56 साल के मंदबुद्धी बुड्ढे राहुल गांधी का चेहरा देखिए, उसके भाव देखिए, ज़बरदस्ती बच्ची का हाथ पकड़ना देखिए।  खेर अब आप ये वीडियो देखिये यहाँ पर राहुल गाँधी एक छात्रों की गूंज नाम से एक प्रोग्राम पुणे में आयोजित किया जिसमे केवल लड़कियों को बुलाया गया।  इस प्रोग्राम में वो जबरदस्ती लड़कियों के गले में हाथ डालते हुए इधर उधर हाथ कोहनी टच करने नज़र आये है क्या राहुल गाँधी इंटने बड़े मन्दबुद्धि है की महिलाओ के साथ कैसे खड़ा हुआ जाता है इसका भी ज्ञान नहीं है।

ये तो कुछ नहीं जब एक लड़की इनके पास आकर इनको किश करती है तो ये भाईसाहब बिलकुल भी असहज नहीं  होते है बल्कि उस लड़की की तरफ इशारा करते हुए नज़र आते है क्या ऐसे तुम देश की महिलाओ की रक्षा करोगे। 

ऐसा पहली बार नहीं है की राहुल गाँधी ने महिलाओ के साथ अभद्र व्यवहार किया हो अक्सर ये जबरदस्ती महिलाओ को गले लगते है।  उंनका हाथ पकड़ते है उनको गलत तरीके से छूते है और तो और खुद की सगी बहन को भरे मंच पर जबरदस्त चूमने लगते है खेर हम ये नहीं कहे रहे है की अपनी बहन को चूमना गलत है परन्तु भाई बहिन के बिच एक मर्यादा होती है हमे उस मर्यादा का सम्मान करना होता है।  पर शायद राहुल गाँधी को ये सब सिखाया नहीं गया है। 

सच तो यह है कि कांग्रेस और इनके घटिया नेताओ के पास जनता के मुद्दों पर बात करने के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा , तो वे इसी तरह के निचले स्तर के हथकंडों पर उतर आये हैं। लेकिन देश की जनता अब समझदार है। वो जानती है कि कौन मासूम बच्चों के साथ सच्चा स्नेह रख रहा है और कौन सिर्फ़ अपनी फ्लॉप राजनीति चमकाने के लिए ऐसे घटिया आरोप लगा रहा है।

रागिनी नायक और उनकी पार्टी को जनता ने जो जवाब सोशल मीडिया पर दिया है, क्या वो सही था? क्या राजनीतिक विरोध में मासूम बच्चों को घसीटना सही है? अपनी राय कमेंट बॉक्स में ज़रूर दें। वीडियो को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें ताकि इस दोहरे चरित्र का सच सब तक पहुँचे। जय हिंद!”

किसी भी सार्वजनिक मंच पर इस तरह की बयानबाजी कितनी सही है? क्या राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे पलों का इस्तेमाल होना चाहिए? इस पूरे मुद्दे पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। वीडियो को लाइक करें और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।”

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