Skill India का 12000 करोड़ का घोटाला अभी तो सिर्फ शुरुआत है | PMKVY | Sach Ki Raftar
आज देश के नौजवानों के पैरों तले जमीन खिसकने वाली है। जिस ‘स्किल इंडिया’ का झुनझुना आपको थमाया गया, जिस ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ (PMKVY) के नाम पर देश के युवाओं को काबिल बनाने का ढोल पीटा गया, उसकी ऐसी ‘नग्न सच्चाई’ सामने आई है कि आपका खून खौल उठेगा।
क्या यह ट्रेनिंग थी? या देश के 10,000 करोड़ रुपये की ऐसी डकैती, जिसका मास्टरमाइंड सिस्टम में ही बैठा है? CAG यानी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट ने इस ‘स्किल’ के नाम पर चल रहे ‘किल’ के धंधे को बेनकाब कर दिया है।
आंकड़ों का मायाजाल देखिए! सरकारी फाइलें कहती हैं कि 95 लाख से ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग मिली। लेकिन सच ये है कि उनमें से 90 लाख से ज्यादा लोगों का बैंक डिटेल ही गायब है! पैसा सीधे खाते में जाना था (DBT), लेकिन जब खाता ही नहीं है, तो पैसा किसकी तिजोरी में गया? 53 ऐसे ईमेल मिले जिन्हें 5000-5000 बार रजिस्टर किया गया। हजारों मोबाइल नंबर फर्जी निकले और भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा देखिए… कई लाभार्थियों के बैंक अकाउंट की जगह क्या लिखा था? ‘111111’ या ‘1 से 10 तक की गिनती’!
क्या ये ‘मानवीय भूल’ है? नहीं, ये सुनियोजित डकैती है! ये सिस्टम की आंखों में धूल झोंककर आपकी गाढ़ी कमाई लूटने का ‘ब्लूप्रिंट’ है! अब मिलिए इस घोटाले के ‘जादूगरों’ से! पहली कंपनी: नीलिमा मूविंग पिक्चर्स, दिल्ली। दावा किया कि 33,000 लोगों को ट्रेनिंग दी। जांच हुई तो पता चला कंपनी में सिर्फ 10 कर्मचारी हैं! 10 लोग मिलकर 33,000 को सिखा रहे थे? एक ही फोटो को बार-बार इस्तेमाल किया गया। कभी उसे बिहार का बताया, कभी उत्तर प्रदेश का! दूसरी कंपनी: जयपुर कल्चरल सोसाइटी। इन्होंने तो विज्ञान और समय को ही चुनौती दे दी!
इस कंपनी ने बकायदा एक समारोह किया और ’31 फरवरी’ को सर्टिफिकेट बांट दिए! …….. अरे अक्ल के अंधों, दुनिया के कैलेंडर में 31 फरवरी नहीं होती, लेकिन भ्रष्टाचार के कैलेंडर में सब मुमकिन है!
अब बात करते हैं ‘सच की रफ्तार’ की हमारी क्राइम इन्वेस्टीगेशन की टीम भी काफी समय से इस घोटाले की पड़ताल कर रही थी। हमने सिर्फ न्यूज़ नहीं पढ़ी, हमने जमीन खोदी है! राजस्थान स्किल इंडिया के नाम पर जो खेल खेला गया, उसकी पोल खोलने के लिए हमने कई RTI लगाईं और शिकायतें दर्ज कीं।
हमारे पास पुख्ता सबूत हैं! राजस्थान के ट्रेनिंग सेंटर्स में कैसे फर्जी हाजिरी लगाई गई, कैसे बिना क्लास चले करोड़ों की ग्रांट डकार ली गई, इसके एक-एक कागज हमारे पास मौजूद हैं। स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के बिना ये मुमकिन ही नहीं था। जिसकी सारी जानकारी हमने राजस्थान के सभी उच्य अधिकारीयों को दी है परन्तु सबूत देने के बावजूब भी कोई भी अधिकारी किसी भी प्रकार का एक्शन लेने से पीछे भाग रहे है जानते है क्यों क्युकी इस पुरे घोटाले में सब लिप्त है सबने सरकार के करोडो रूपये डकार लिए है।
‘सच की रफ्तार’ के पास मौजूद ये RTI और शिकायतें इस घोटाले के ताबूत में आखिरी कील साबित होंगी! हम इन कागजी शेर और भ्रष्ट अधिकारियों को चैन से नहीं बैठने देंगे। इस योजना के दौरान मंत्रालय की जिम्मेदारी राजीव प्रताप रूडी, महेंद्र नाथ पांडेय और धर्मेंद्र प्रधान जैसे दिग्गजों के पास रही। 10,000 करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए गए, लेकिन युवाओं को क्या मिला? बेरोजगारी का ठप्पा! सिर्फ 18% युवाओं को वजीफा मिला, बाकी पैसा कहाँ है? ये देश के नौजवानों के साथ गद्दारी है। सरकार जवाब दे कि आखिर ये गोरखधंधा किसकी शह पर चल रहा था?
(अपील) अगर आप भी इस फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं या आपके पास कोई सबूत है, तो हमसे संपर्क करे हमारे या हमे हमारे नंबर 9810261517 पर कॉल या व्हाट्सअप करके आप जानकारी । इस वीडियो को इतना शेयर करो कि ये संसद तक गूंजे! चैनल को सब्सक्राइब करें, क्योंकि हम सच दिखाते हैं… पूरी रफ्तार के साथ! जय हिंद!
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